यह पुस्तक भिन्न विषयों पर लिखी कविताओं का एक संकलन है जिसमे आध्यात्मिक, राजनैतिक, सामाजिक, वैज्ञानिक तथा मानवीय विषयों को शामिल किया गया है। पाखंडवाद का घोर विरोध किया गया है तथा वैज्ञानिक चिंतन पर बल दिया गया है। भरमार, शराबी, भूखा मानव आदि कुछ व्यंगात्मक कविताओं के अलावा तर्कशीलता, आस्तिकता, मानसिक गुलामी, भ्रष्टाचार, विकास, महानता, अलबेला मानव आदि गंभीर विषयों पर भी कविताएं लिखी गई हैं।
कौतूहल पैड्स करने के लिए भूख समान व व बेज़ुबां आदि कविताएं भी सम्मलित कर संतुलन बनाने का प्रयास किया गया है। सभी प्रबुद्ध पाठकों की प्रतिक्रिया का इंतजार है व सुझाव आमंत्रित हैं। यह मेरा प्रथम प्रयास है। आपका सहयोग अपेक्षित है।