शब्दांकुर प्रकाशन

Pustak Sameeksha

How to Sell Books Online in India

ऑनलाइन किताब बेचने का तरीका (How to Sell Books Online in India)

“आपने महीनों मेहनत करके अपनी किताब लिखी। लेकिन अगर वह किताब सिर्फ आपकी अलमारी में बंद रह जाए, तो क्या फायदा? असली जीत तब है जब आपकी लिखी किताब पाठकों के हाथों तक पहुँचे और उनके जीवन पर असर डाले।”यही कारण है कि हर लेखक को आज के समय में ऑनलाइन किताब बेचने की कला …

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पुस्तक समीक्षा : कोरोना काल : जीवन समर

कोरोना काल का वो दौर… जब इंसान सिर्फ वायरस से नहीं, बल्कि अकेलेपन और डर से भी लड़ रहा था। डॉ. मुन्ना लाल प्रसाद जी की पुस्तक ‘कोरोना काल, जीवन समर’ उसी संघर्ष का एक सच्चा और संवेदनशील दस्तावेज़ है। डॉ. मुन्ना लाल प्रसाद द्वारा लिखित ‘कोरोना काल: जीवन समर’ एक अत्यंत महत्वपूर्ण और संवेदनशील …

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पुस्तक समीक्षा : वन्दे भारत मातरम्

दोहाकार: प्रो. विश्वम्भर शुक्ल प्रो. विश्वम्भर शुक्ल की काव्य कृति ‘वन्दे भारत मातरम्’ एक ऐसी किताब है जो देशभक्ति, भारतीय संस्कृति और राष्ट्रीय चेतना को गीतों के जरिए आम लोगों तक पहुँचाती है। ये किताब सिर्फ एक साहित्यिक रचना नहीं है, बल्कि एक ऐसा आलम है जिसमें भारत की महानता, उसका गौरवशाली इतिहास, आज की …

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पुस्तक समीक्षा : चल प्राची की ओर

दोहाकार: श्री सुभाष मित्तल ‘सत्यम’ श्री सुभाष मित्तल ‘सत्यम’ का दोहा-संग्रह ‘चल प्राची की ओर’ एक ऐसी पुस्तक है जो भारतीय संस्कृति, जीवन-मूल्यों और सामाजिक चेतना को दोहों के माध्यम से पाठकों तक पहुँचाती है। यह पुस्तक केवल साहित्यिक सृजन नहीं है, बल्कि एक ऐसा जीवन-दर्शन है जिसमें अतीत की महिमा, वर्तमान की चुनौतियाँ और …

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अनछुए दरीचे

पुस्तक समीक्षा : अनछुए दरीचे

लेखिका – डॉ. पूर्णिमा भटनागर ‘अनछुए दरीचे’ डॉ. पूर्णिमा भटनागर की आत्मा से फूटी कहानियों का ऐसा कथा-संग्रह है, जो जीवन के उन धुंधले कोनों में हमें झाँकने का अवसर देता है, जहाँ अक्सर हमारी दृष्टि नहीं पहुँच पाती। यह पुस्तक एक भावनात्मक यात्रा है, जिसमें पाठक एक-एक बंद खिड़की खोलते हुए जीवन के छिपे …

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हिंदी में सेल्फ-पब्लिशिंग कैसे करें

हिंदी में सेल्फ-पब्लिशिंग कैसे करें: स्टेप-बाय-स्टेप गाइड

परिचय: अपनी किताब को दुनिया तक पहुंचाएं क्या आपने कभी सपना देखा है कि आपकी लिखी किताब दुनिया भर के पाठकों तक पहुंचे? आज के डिजिटल युग में, हिंदी में सेल्फ-पब्लिशिंग ने लेखकों के लिए यह सपना सच करना आसान बना दिया है। सेल्फ-पब्लिशिंग के ज़रिये आप अपनी पुस्तक प्रकाशन प्रक्रिया को पूरी तरह नियंत्रित …

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पुस्तक समीक्षा : अकेली

लेखक : रामकुमार गुप्ता समीक्षाकार : अनिल अग्रवाल प्रिय रामकुमार गुप्ता जी, आपकी रचित अकेली एक ऐसी लड़की/ महिला आशा की कहानी है जो अपने बचपन से ही अभावों से जूझती रही फिर अपने जीवन से निराश होने पर आत्महत्या करने जाते हुए घटित एक्सीडेंट ने जीवन मे नया सवेरा लाने के लिए अभिराम को …

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tumko apni jeet likhun

भावपूर्ण और ह्रदय स्पर्शी रचनाओं का गुलदस्ता- तुमको अपनी जीत लिखूँ

समीक्षकार : लव कुमार ‘प्रणय’ मेरे परम मित्र भाई संजय कुमार गिरि जी युवा कवि, शायर व एक खुद्दार और यशस्वी रचनाकार- चित्रकार हैं। हाल ही में आपका काव्य संग्रह “तुमको अपनी जीत लिखूँ” मिला। इस संग्रह में 150 मुक्तक, 12 गीत, 44 ग़ज़ल,150 दोहे, 12 घनाक्षरी एवं 6 कुंडलियाँ संग्रहित हैं। पूजनीय माता- पिता …

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neha gupta education

क्या शिक्षा का अर्थ अच्छे अंक पाने तक ही सीमित है?

लेखिका : नेहा गुप्ता, शिक्षिका, दिल्ली मित्रों, इन दिनों बहुत सी परीक्षाओं का आयोजन किया जा रहा है, जिनमें विशेष रूप से बोर्ड की परीक्षाएं और विभिन्न विश्वविद्यालयों के द्वारा ली जाने वाली परीक्षाएं शामिल है और जब-जब परीक्षाओं पर चर्चा होती है, तो अक्सर चर्चा का केंद्र बिंदु, अंक बन जाते हैं और अंकों …

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anjna

साक्षात्कार : अंजना

साक्षातकारकर्ता : के शंकर सौम्य आइये बात करते हैं अंजना जी से प्रश्न – 1. अपने बारे में कुछ बताएं। उत्तर – मैं अंजना मन्हास, दिल्ली पंजाब और हिमाचल के सुंदर माहौल में बचपन से ही रह रही हूँ। मेरा जन्म और पलन-पोषण दिल्ली में हुआ था, लेकिन मैंने अपने जीवन का अधिकांश समय पंजाब …

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