ISBN -
Subject -
Genre -
Language -
Edition -
File Size -
Publication Date -
Hours To Read -
Pages -
Total Words -
978-81-19686-46-9
Reality
Nature
Hindi
1st
98.0 MB
2024
-
212
----
ABOUT BOOK
डॉ. मुन्ना लाल प्रसाद द्वारा लिखित ‘कोरोना काल: जीवन समर’ एक अत्यंत महत्वपूर्ण और संवेदनशील साहित्यिक कृति है, जो केवल कोरोना महामारी के दौर का दस्तावेज़ नहीं है, बल्कि उस समय के भीतर छिपी मानवीय जिजीविषा, सामाजिक असमानता, पारिवारिक द्वंद्व और मानसिक संघर्षों की गहन पड़ताल भी है। यह पुस्तक उस समय को चित्रित करती है जब पूरी दुनिया एक अदृश्य वायरस से भयभीत होकर ठहर गई थी, उन्होंने यह दिखाया है कि कैसे महामारी ने हमारे पारिवारिक ढांचे को झकझोरा — एक ओर जहां लोग घरों में बंद होकर एक-दूसरे के साथ अधिक समय बिता रहे थे, वहीं भावनात्मक दूरी भी बढ़ रही थी। प्रवासी मजदूरों की त्रासदी, ऑक्सीजन की किल्लत, श्मशानों की भीड़, इलाज के लिए भटकते लोग और अपनों को खोने की पीड़ा — ये सब घटनाएं लेखक ने इस पुस्तक में अत्यंत सजीवता से व्यक्त की हैं।