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978-93-49612-56-3
हाइकु - तांका - सेदोको संग्रह
Nature
Hindi
1st
14.5 MB
2025
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137
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ABOUT BOOK
डॉ. रमा द्विवेदी द्वारा हाइकु, तांका और सेदोका कविताओं के मनोरम संग्रह ‘गंगा में तैरते मिट्टी के दिए’ के माध्यम से आध्यात्मिक और काव्यात्मक यात्रा में डूब जाइए। यह हिंदी साहित्यिक कृति पवित्र गंगा के किनारे भक्ति और परंपरा के सार को खूबसूरती से दर्शाती है। यह पुस्तक तीन विशिष्ट जापानी काव्य रूपों – हाइकु की संक्षिप्तता, तांका की भावनात्मक गहराई और सेदोका की अनूठी लय – को एक साथ पिरोकर पवित्र नदी पर तैरते मिट्टी के दीयों की विशद कल्पना को चित्रित करती है। इन सावधानीपूर्वक तैयार किए गए छंदों के माध्यम से, पाठक आध्यात्मिकता और प्राकृतिक सुंदरता के मंत्रमुग्ध कर देने वाले मिश्रण का अनुभव कर सकते हैं जो गंगा के घाटों की विशेषता है। यह संग्रह एक सांस्कृतिक सेतु और ध्यानपूर्ण अन्वेषण दोनों का काम करता है, जो इसे किसी भी कविता प्रेमी के पुस्तकालय के लिए एक मूल्यवान वस्तु बनाता है। समकालीन हिंदी साहित्य के प्रेमियों और पूर्वी काव्य परंपराओं के सम्मिश्रण में रुचि रखने वालों के लिए एकदम सही।







